कोलटकरच्या कविता excerpt
From SandeepPurao
From अरुण कोलटकरच्या कविता by Arun Kolatkar
मै मॅनेजरको बोला मुझे पगार मंगता है
मॅनेजर बोला कंपनीके रूलसे पगार एक तारीखको मिलेगा
उसकी घडी टेबलपे पडी थी
मैने घडी उठाके लिया
और मॅनेजरको पुलिस चौकीका रास्ता दिखाया
बोला अगर कंप्लेंट करना है तो करलो
मेरे रूलसे पगार आजही होगा
मै भाभीको बोला
क्या भाईसाबके ड्यूटीपे मै आ जाऊँ ?
भडक गयी साली
रहमान बोला गोली चलाऊंगा
मै बोला एक रंडीके वास्ते ?
चलाव गोली गांडू
मै बर्मा गया था उधर आग पिक्चर लगा था
पिक्चर देखने गया
उधर टिकटके वास्ते कुछ पासपोर्ट वगारा दिखाना पडता है
टिकटवालेने पूछा पासपोर्ट किधर है ?
मै बोला भॅनचोद
मुझे टिकट मंगता है
उन लोगोने वापस मणिपूर भेज दिया
पुलीस कमशिनरने पूछा बर्मा कायको गया था ?
मै बोला अबे लौंडीके बच्चे
इंडियामे रख्खाही क्या है !
© Arun Kolatkar

